बक (शब्द) - कुँड़ुख़ व्याकरण (Kurukh Grammar)
शब्द (बक) की परिभाषा: तोड़ गहि मनेता जुटकन बक बअनर। (वर्णों के सार्थक मेल को शब्द कहते हैं।)
उदाहरण (एकासे का): ओय, अल्ला, बेरखा, दई, एड़पा, एन्नेम।
1. अर्थ के अनुसार शब्द के भेद (मनेता लेखआ बक ही डाड़ा)
अर्थ के अनुसार कुँड़ुख़ भाषा में शब्द के दो भेद (ऍंड डाड़ा) होते हैं:
मनेता बक (सार्थक शब्द)
बेमनेता बक (निरर्थक शब्द)
क) मनेता बक (सार्थक शब्द)
परिभाषा: एका बक गहि इन्दरइम मने उरखी अंदिन मनेता बक बअनर। (जिन शब्दों का कुछ अर्थ निकले उन्हें सार्थक शब्द कहते हैं।)
एकासे का (जैसे): कुकोय, टटखा, टमरस, कुकोस, मन-मास, एन्नेम।
ख) बेमनेता बक (निरर्थक शब्द)
परिभाषा: एक बक गहि इन्दरइम मने मल उरखी, अदिन बेमनेता बक बअनर। (जिन शब्दों का कोई अर्थ न निकले, उन्हें निरर्थक शब्द कहते हैं।)
एकासे का (जैसे): मका, लका, तका, चें-चें, पें-पें, के-के, टे-टे एन्नेम।
2. विकार/परिवर्तन के अनुसार शब्द के भेद (बढ़रका लेखआ बक ही डाड़ा)
बढ़रका बक (विकारी शब्द)
बेबढ़रका बक / करिचका बक (अविकारी शब्द)
क) बढ़रका बक (विकारी शब्द)
परिभाषा: एका बक घी मेद, गनयाँ, ननतुउद, आल गुट्ठी ही चड्डे – मुठन बदलारई काली, आद बढ़रका बक बारई। (जिस शब्द का लिंग, वचन, कारक और पुरुष के कारण रूप बदल जाता है, उसको विकारी शब्द कहते हैं।)
एकासे का (जैसे): आल, आलर, कुक्को, कुक्कोर, कुकोय, कुकोयर गुट्ठी।
ख) बेबढ़रका बक / करिचका बक (अविकारी शब्द)
परिभाषा: बेबढरका बक आद बारई, एकदा ही मुठन नू एकअम बेसे हूँ मल बदलारई, हुरमी बेड़ा ओंटम बनचकी रई, अदिन बेबढ़रको मलता करिचका बक हूँ बअनर। (जिन शब्दों का रूप किसी भी स्थिति में नहीं बदलता और सदैव एक समान रहता है, उन्हें अविकारी शब्द कहते हैं।)
एकासे का (जैसे): एकासे, एकाबीरी, अरा, दरा, पहें इन्नेम।
3. बढ़रका एवं बेबढ़रका बक के उपभेद
I. बढ़रका बक नाख़ बरन गहि र’ई (विकारी शब्द के 4 प्रकार)
पिंज्जका (संज्ञा / Noun)
उइजि पिंज्जका (सर्वनाम / Pronoun)
गुनखी (विशेषण / Adjective)
ननना (क्रिया / Verb)
II. बेबढ़रका बक नाख़ बरन ही र’ई (अविकारी शब्द के 4 प्रकार)
ननना गुनखी (क्रिया विशेषण / Adverb)
नता तुनउ (सम्बन्धबोधक / Preposition)
जोरन तुनउ मलता जो-ड़ऊ (समुच्चयबोधक / Conjunction)
हयकट तुनउ (विस्मयादिबोधक / Interjection)
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: मनेता बक (सार्थक शब्द) और बेमनेता बक (निरर्थक शब्द) में क्या अंतर है?
उत्तर: जिन शब्दों का कोई अर्थ निकलता है, उन्हें सार्थक शब्द (मनेता बक) कहते हैं, जैसे: कुकोय, टटखा। वहीं जिन शब्दों का कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं निकलता, उन्हें निरर्थक शब्द (बेमनेता बक) कहते हैं, जैसे: मका, चें-चें।
प्रश्न 2: बढ़रका बक (विकारी शब्द) और बेबढ़रका बक (अविकारी शब्द) में क्या अंतर है?
उत्तर: जिन शब्दों का रूप लिंग, वचन, कारक आदि के कारण बदल जाता है, उन्हें विकारी शब्द (बढ़रका बक) कहते हैं (जैसे: आल, आलर)। जिन शब्दों का रूप किसी भी परिस्थिति में नहीं बदलता, उन्हें अविकारी शब्द (बेबढ़रका बक) कहते हैं (जैसे: एकासे, अरा)।
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